वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने ट्रम्प को नोबेल शांति पुरस्कार भेंट किया: एक राजनीतिक दांव
16 जनवरी, 2026 की सुबह दुनिया भर की राजनीति में एक अभूतपूर्व घटनाक्रम सामने आया है। वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को अपना नोबेल शांति पुरस्कार पदक सौंप दिया है। यह कदम, जो 15 जनवरी, 2026 को व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के बाद सामने आया, अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में एक मजबूत संदेश देने का प्रयास माना जा रहा है, खासकर वेनेजुएला में चल रहे सत्ता संघर्ष के संदर्भ में।
नोबेल पुरस्कार का अप्रत्याशित हस्तांतरण
ताज़ा ख़बरों के अनुसार, मचाडो ने पत्रकारों के एक समूह से बातचीत में पुष्टि की कि उन्होंने ट्रम्प को यह पुरस्कार 'हमारी स्वतंत्रता के लिए उनकी अद्वितीय प्रतिबद्धता की मान्यता' के रूप में प्रस्तुत किया। यह घोषणा तब हुई जब मचाडो ने ट्रम्प से मुलाकात की। व्हाइट हाउस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया कि क्या ट्रम्प ने पदक स्वीकार किया या नहीं, लेकिन इस मुलाकात और पुरस्कार सौंपने की घटना ने वैश्विक मीडिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
मारिया कोरिना मचाडो को हाल ही में वेनेजुएला में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए उनके संघर्ष के लिए नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। यह पुरस्कार अक्सर उन व्यक्तियों को दिया जाता है जो शांति और लोकतंत्र को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस पुरस्कार को अमेरिकी राष्ट्रपति को सौंपने का निर्णय, जो स्वयं अक्सर अंतर्राष्ट्रीय हस्तक्षेप और सत्ता परिवर्तन के समर्थक रहे हैं, राजनीतिक विश्लेषकों के लिए गहन चर्चा का विषय बन गया है।
वेनेजुएला में राजनीतिक संकट और अंतर्राष्ट्रीय समर्थन
वेनेजुएला लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। निकोलस मादुरो के शासन के खिलाफ विपक्षी दलों का संघर्ष जारी है। मारिया कोरिना मचाडो इस आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा रही हैं। उनका यह कदम वेनेजुएला में लोकतंत्र बहाली के लिए अंतर्राष्ट्रीय समर्थन जुटाने की दिशा में एक रणनीतिक कदम माना जा सकता है। अमेरिकी प्रशासन, विशेष रूप से ट्रम्प प्रशासन, ने वेनेजुएला के विपक्षी नेताओं का समर्थन करने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
मचाडो का यह कार्य ट्रम्प के प्रति अपनी निष्ठा और समर्थन को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का एक तरीका हो सकता है, ताकि आगामी राजनीतिक लड़ाइयों में अमेरिकी समर्थन सुनिश्चित किया जा सके। यह पुरस्कार भेंट केवल एक प्रतीकात्मक कार्य नहीं है, बल्कि यह एक राजनीतिक गठबंधन को मजबूत करने का भी संकेत देता है।
अन्य अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम: ईरान में तनाव और भारत की प्रतिक्रिया
इसी बीच, अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम भी देखने को मिल रहे हैं। ईरान में महीनों से चल रहे राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों पर सरकार की कार्रवाई तेज हो गई है। देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए अधिकारियों ने इंटरनेट शटडाउन और क्रूर कार्रवाई को बढ़ाया है, जिसके परिणामस्वरूप कार्यकर्ताओं का दावा है कि कम से कम 2,637 लोग मारे गए हैं। यह स्थिति ईरान की धर्मनिरपेक्ष सत्ता के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।
ईरान से भारतीयों की निकासी की तैयारी
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और अस्थिरता को देखते हुए, भारत सरकार ने अपने नागरिकों को वहां से निकालने की योजना बनानी शुरू कर दी है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, विदेश मंत्रालय (MEA) ने पुष्टि की है कि तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीयों से संपर्क करना शुरू कर दिया है ताकि निकासी के लिए आवश्यक लॉजिस्टिक्स का आकलन किया जा सके। इसमें भारत और ईरान के बीच कई हवाई उड़ानें शामिल होंगी। भारत हमेशा अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता रहा है, और यह कदम इसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है।
जम्मू-कश्मीर सीमा पर ड्रोन गतिविधि
भारत-पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा स्थिति भी तनावपूर्ण बनी हुई है। जम्मू और कश्मीर के पुंछ और सांबा जिलों में नियंत्रण रेखा के पास पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए हैं। इस घुसपैठ की सूचना मिलने पर सुरक्षा बलों ने तुरंत अपनी एंटी-अनमैन्ड एरियल सिस्टम (UAS) को सक्रिय कर दिया ताकि प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दी जा सके। यह घटना सीमा पार से चल रही घुसपैठ की गतिविधियों की ओर इशारा करती है, जिस पर भारत की सुरक्षा एजेंसियां कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट का मतदाता पंजीकरण पर महत्वपूर्ण प्रश्न
घरेलू मोर्चे पर, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग (ECI) से मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं के संदर्भ में एक मौलिक प्रश्न पूछा है। कोर्ट ने पूछा, “क्या हम सुरक्षित रूप से यह मान नहीं सकते कि जो मतदाता कई बार रोल संशोधन से बचे हैं, वे नागरिक हैं?” यह प्रश्न याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर करता है, जो मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया की वैधता और नागरिकों की पहचान को लेकर चिंताएं व्यक्त कर रहे हैं।
मारिया कोरिना मचाडो का यह कदम, ईरान में हिंसा और भारत-पाक सीमा पर तनाव के बीच, वैश्विक राजनीति में एक जटिल और गतिशील परिदृश्य को दर्शाता है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ट्रम्प इस पुरस्कार को कैसे स्वीकार करते हैं और वेनेजुएला के भविष्य पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।