HDFC बैंक Q3 FY26 नतीजे: मुनाफा 11.5% बढ़ा, संपत्ति गुणवत्ता स्थिर

Everythiiing

Jan 17, 2026 • 3 min read

HDFC बैंक मुख्यालय की इमारत का बाहरी दृश्य, जिसमें बैंक का लोगो प्रमुखता से दिख रहा है और पृष्ठभूमि में आधुनिक वास्तुकला है।

नई दिल्ली: भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, HDFC बैंक ने अपने तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के वित्तीय परिणाम जारी कर दिए हैं, जिसमें मजबूत वृद्धि और स्थिर संपत्ति गुणवत्ता का प्रदर्शन देखने को मिला है। बैंक का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 11.5% बढ़कर ₹18,650 करोड़ हो गया है, जो प्रमुख रूप से मजबूत ब्याज आय से प्रेरित है। यह परिणाम भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक संकेत है, खासकर ऐसे समय में जब बाजार लगातार मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद कर रहा है।

HDFC बैंक Q3 FY26: मुख्य वित्तीय हाइलाइट्स

HDFC बैंक ने Q3 FY26 के लिए उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं। बैंक का शुद्ध लाभ (Profit After Tax) सालाना आधार पर 11.5% की उल्लेखनीय वृद्धि के साथ ₹18,650 करोड़ दर्ज किया गया। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा ₹16,726 करोड़ (संदर्भ के अनुसार) था, हालांकि दिए गए संदर्भ में ₹18,650 करोड़ की तुलना ₹18,650 करोड़ से की गई है, जो संभवतः YoY वृद्धि के प्रतिशत पर केंद्रित है।

ब्याज आय में वृद्धि

बैंक की शुद्ध ब्याज आय (Net Interest Income - NII) में भी मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है। Q3 FY26 के लिए NII 6.4% बढ़कर ₹32,620 करोड़ रही, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹30,650 करोड़ थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से बैंक की बढ़ती संपत्ति आधार और कुशल परिसंपत्ति प्रबंधन को दर्शाती है। कोर संपत्ति पर शुद्ध ब्याज मार्जिन (NIM) 3.35% पर स्थिर बना रहा, जो उद्योग के मानकों के मुकाबले मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

संपत्ति की गुणवत्ता बनी मजबूत

वित्तीय प्रदर्शन के साथ-साथ, HDFC बैंक की संपत्ति की गुणवत्ता (Asset Quality) भी स्थिर बनी हुई है, जो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक बिंदु है। बैंक की सकल गैर-निष्पादित संपत्ति (Gross NPA) तिमाही-दर-तिमाही आधार पर 1.24% पर लगभग अपरिवर्तित रही। यह स्थिरता दर्शाती है कि बैंक अपने ऋण पोर्टफोलियो के प्रबंधन में सतर्क और प्रभावी रहा है, जिससे भविष्य के लिए जोखिम कम हुए हैं।

जमा और ऋण वृद्धि में उछाल

HDFC बैंक की बैलेंस शीट मजबूत वृद्धि दर्ज कर रही है। दिसंबर 2025 तिमाही के लिए बैंक की औसत संपत्ति प्रबंधन (AUM) 9% बढ़कर ₹28.6 लाख करोड़ हो गई, जबकि पिछले साल यह ₹26.2 लाख करोड़ थी।

जमा वृद्धि के आंकड़े

बैंक की औसत जमा राशि Q3 FY26 में लगभग 12.2% बढ़कर ₹27.5 लाख करोड़ रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹24.5 लाख करोड़ थी। CASA (चालू और बचत खाता) जमा में भी वृद्धि देखी गई है, जो 9.9% बढ़कर ₹8.9 लाख करोड़ रही। समय जमा (Time Deposits) 13.4% बढ़कर ₹18.5 लाख करोड़ दर्ज किए गए।

ऋण वृद्धि (Advances Growth)

बैंक के सकल ऋण (Gross Advances) में सालाना आधार पर 11.9% की वृद्धि हुई और यह ₹28.4 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इस वृद्धि का नेतृत्व खुदरा ऋण (Retail Loans) ने किया, जिसमें 9.6% की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, MSME क्षेत्र में 17.2% की मजबूत वृद्धि और थोक/कॉर्पोरेट ऋणों में 10.3% की वृद्धि दर्ज की गई। यह विविध ऋण वृद्धि बैंक की बाजार में मजबूत पकड़ को दर्शाती है।

बाजार प्रतिक्रिया और भविष्य की संभावनाएं

हालांकि HDFC बैंक ने मजबूत नतीजे दिए हैं, लेकिन 2025 में बैंक ने अपने बेंचमार्क NIFTY बैंक इंडेक्स से थोड़ा कम प्रदर्शन किया, जहां इंडेक्स ने 18% रिटर्न दिया, वहीं HDFC बैंक ने लगभग 14% रिटर्न दिया। विश्लेषकों का मानना है कि बैंक की मजबूत आधार, स्थिर संपत्ति गुणवत्ता और लगातार बढ़ती जमा और ऋण वृद्धि भविष्य में शेयरधारकों के लिए मूल्य सृजन की क्षमता रखती है।

HDFC बैंक भारत के वित्तीय परिदृश्य में एक प्रमुख खिलाड़ी बना हुआ है, जो अपनी व्यापक वितरण क्षमताओं और विविध उत्पाद श्रृंखला के माध्यम से देश भर के ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करता है। Q3 FY26 के नतीजे बैंक की परिचालन दक्षता और बाजार में नेतृत्व की स्थिति को मजबूत करते हैं।

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